बीमा पॉलिसी खरीदना एक दीर्घकालिक निर्णय है। आपको एक निश्चित संख्या में वर्षों तक प्रीमियम का भुगतान करना होता है और यह पैसा तब तक लॉक रहता है जब तक आपको पॉलिसी का बेनीफिट्स नहीं मिल जाते। इस दौरान आप पॉलिसी छोड़ने पर विचार कर सकते हैं, शायद इसलिए कि अब आपके पास इसका कोई उपयोग नहीं है या आप प्रीमियम का भुगतान बंद करना चाहते हैं। कारण जो भी हो, यह जानना और इसके लिए तैयार रहना बहुत महत्वपूर्ण है कि प्रीमियम का भुगतान बंद करने के बाद क्या होगा और आपके द्वारा पहले से भुगतान किए गए प्रीमियम, चाहे वह 3 साल या 4 साल का हो या 7 वर्ष का, पर आपको कोई रिटर्न मिलेगा या नहीं।
जैसा कि आप पहले से ही जानते होंगे, आपको अपने एंडोमेंट प्लान को सक्रिय रखने के लिए प्रीमियम का भुगतान करना होगा। आपको पॉलिसी समाप्त होने तक प्रीमियम का भुगतान करना होगा या यदि आप सीमित भुगतान विकल्प चुनते हैं तो आप प्रीमियम अल्प अवधि में, जैसे 10 या 15 साल में भी भुगतान कर सकते हैं।
लेकिन, क्या होता है जब आप एंडोमेंट प्लान के प्रीमियम का भुगतान करना बंद कर देते हैं?
एक बार जब आप प्रीमियम का भुगतान करना बंद कर देते हैं और पॉलिसी सरेंडर वैल्यू प्राप्त कर लेती है, तो आपके पास निम्न विकल्प होंगे -
- जैसा कि पिछले अध्याय में चर्चा की गई है, आप सरेंडर वैल्यू ले सकते हैं और पॉलिसी बंद कर सकते हैं, या
- रिड्यूश्ड पेडअप के आधार पर पॉलिसी जारी रखें
आइए देखें कि ये कैसे काम करते हैं।
1. सरेंडर वैल्यू लेना और पॉलिसी बंद करना
यदि आप एक एंडोमेंट प्लान को सरेंडर करते हैं, तो आप कुछ राशि, जिसे सरेंडर वैल्यू के नाम से जाना जाता है, प्राप्त करने के हकदार हैं। कृपया ध्यान दें कि आपको सरेंडर वैल्यू प्राप्त करने के अपने इरादे के बारे में बीमा कंपनी को सूचित करना महत्वपूर्ण है । सरेंडर वैल्यू आपको तभी मिलेगी जब आपने कम से कम दो साल तक प्रीमियम का भुगतान किया हो।
सरेंडर वैल्यू के प्रकार -
- गारंटीशुदा सरेंडर वैल्यू (जीएसवी)
जीएसवी भुगतान किए गए कुल प्रीमियम का एक निश्चित प्रतिशत है। इसका कैलकुलेशन उस वर्ष के अनुसार किया जाता है जिसमें आप एंडोमेंट प्लान को सरेंडर करते हैं। जीएसवी कैलकुलेशन के कारकों का उल्लेख पॉलिसी डॉक्यूमेंट में किया जाएगा। यह उत्पाद के हिसाब से सरेंडर के वर्ष, पॉलिसी अवधि, प्रीमियम भुगतान अवधि पर निर्भर हो सकता है।
- स्पेशल सरेंडर वैल्यू (एसएसवी)
एसएसवी की घोषणा बीमा कंपनी द्वारा समय-समय पर की जाती है। यह हमेशा जीएसवी से अधिक या उसके बराबर होता है।
पॉलिसी सरेंडर के बारे में और पढ़ें इस अध्याय में यहाँ क्लिक करें
2. रिड्यूश्ड पेडअप के आधार पर पॉलिसी जारी रखना
यदि आप सरेंडर वैल्यू प्राप्त करना नहीं चुनते हैं, तो पॉलिसी रिड्यूश्ड पेडअप के आधार पर परिवर्तित हो जाएगी। आप भविष्य में किसी भी प्रीमियम का भुगतान किए बिना एंडोमेंट प्लान के रिड्यूश्ड बेनीफिट्स का आनंद लेना जारी रख सकेंगे।
रिड्यूश्ड पेडअप वाली पॉलिसी कैसे काम करती है?
एक बार जब पॉलिसी रिड्यूश्ड पेडअप वाली पॉलिसी में परिवर्तित हो जाती है, तो लाभ (डेथ बेनीफिट, मैच्योरिटी बेनीफिट, बोनस इत्यादि) पॉलिसी अवधि के दौरान भुगतान किये गये प्रीमियम और कुल देय प्रीमियम की संख्या के अनुपात में कम हो जाएंगे। .
ध्यान रखने योग्य बातें -
- कुछ पॉलिसियाँ आपको रिड्यूश्ड बोनस का भुगतान कर भी सकती हैं और नहीं भी। या कुछ पॉलिसियां आपको कम बोनस के बजाय पूरा बोनस दे सकती हैं। बोनस की शर्तें विभिन्न उत्पादों में भिन्न-भिन्न होती हैं।
- लॉयल्टी एडीशन (यदि लागू हो) पॉलिसी के रिड्यूश्ड पेडअप हो जाने पर पॉलिसी के अंतर्गत देय नहीं होगा।
- राइडर लाभ (यदि कोई हो) बंद हो जाएंगे।
- आपको गारंटीशुदा अतिरिक्त राशि प्राप्त हो भी सकती है और नहीं भी। यदि आपकी पॉलिसी बताती है कि आप उन्हें प्राप्त करने के पात्र होंगे, तो यह दो तरीकों से हो सकता है -
- जब तक आपकी पॉलिसी रिड्यूश्ड पेडअप वाली पॉलिसी नहीं बन जाती, तब तक आपको सभी अर्जित गारंटीशुदा अतिरिक्त लाभ प्राप्त होते हैं। उसके बाद गारंटीशुदा अतिरिक्त लाभ अर्जित नहीं होंगे।
- जब तक पॉलिसी रिड्यूश्ड पेडअप वाली पॉलिसी नहीं बन जाती तब तक आपको 100% गारंटीशुदा अतिरिक्त लाभ प्राप्त होते हैं। उसके बाद ये कम हो जायेंगे. भविष्य में रिड्यूश्ड गारंटीशुदा अतिरिक्त राशि की कैलकुलेशन और भुगतान रिड्यूश्ड बीमा राशि के अनुसार किया जाएगा।
अब, आइए देखें कि रिड्यूश्ड पेडअप वाली पॉलिसी के तहत मैच्योरिटी बेनीफिट, डेथ बेनीफिट, बोनस और गारंटीशुदा अतिरिक्त लाभ कैसे बदलते हैं।
रिड्यूश्ड पेडअप वाली पॉलिसी के तहत मैच्योरिटी बेनीफिट
एंडोमेंट प्लान के तहत मैच्योरिटी बेनीफिट निम्न हो सकता है -
- पॉलिसी खरीदते समय आपके द्वारा चुनी गई बीमा राशि, या
- अतिरिक्त प्रीमियम, राइडर प्रीमियम और करों को छोड़कर, आपके द्वारा भुगतान किया गया कुल प्रीमियम
- करों, राइडर प्रीमियम, अंडरराइटिंग अतिरिक्त प्रीमियम और मोडल प्रीमियम के लिए लोडिंग को छोड़कर आपके द्वारा भुगतान किए गए प्रीमियम का एक निश्चित प्रतिशत।
रिड्यूश्ड पेडअप वाले एंडोमेंट प्लान के तहत मैच्योरिटी बेनीफिट आनुपातिक रूप से कम हो जाएगा। इसे रिड्यूश्ड मैच्योरिटी बेनीफिट के रूप में जाना जाता है।
यह आपके द्वारा भुगतान किए गए प्रीमियम की संख्या और पॉलिसी अवधि के दौरान देय प्रीमियम की कुल संख्या के अनुपात में कम किया जाता है। इस अनुपात को आरपीयू फैक्टर कहते हैं।
आरपीयू फैक्टर की कैलकुलेशन का फॉर्मूला -
आरपीयू फैक्टर = भुगतान किए गए प्रीमियमों की कुल संख्या/ देय प्रीमियमों की कुल संख्या
अब, रिड्यूश्ड मैच्योरिटी बेनीफिट की कैलकुलेशन का सूत्र -
रिड्यूश्ड मैच्योरिटी बेनीफिट = मैच्योरिटी बेनीफिट x आरपीयू फैक्टर
रिड्यूश्ड पेडअप वाली पॉलिसी के तहत डेथ बेनीफिट
यदि पॉलिसी अवधि के दौरान दुर्भाग्य से आपकी मृत्यु हो जाती है, तो आपका नॉमिनी डेथ बेनीफिट प्राप्त करने के लिए पात्र है। डेथ बेनीफिट अनिवार्य रूप से वह बीमा राशि है जिसे आपने पॉलिसी खरीदते समय चुना है।
यह आपके द्वारा भुगतान किए गए प्रीमियम की संख्या और पॉलिसी अवधि के दौरान देय प्रीमियम की कुल संख्या के अनुपात में कम किया जाता है। इस अनुपात को आरपीयू फैक्टर कहते हैं।
आरपीयू फैक्टर की कैलकुलेशन का फॉर्मूला -
आरपीयू फैक्टर = भुगतान किए गए प्रीमियमों की कुल संख्या/ देय प्रीमियमों की कुल संख्या
अब, रिड्यूश्ड डेथ बेनीफिट की कैलकुलेशन का सूत्र -
रिड्यूश्ड डेथ बेनीफिट = डेथ बेनीफिट x आरपीयू फैक्टर
रिड्यूश्ड पेडअप नीति के तहत बोनस
जिस वर्ष आप पॉलिसी सरेंडर करेंगे उस वर्ष तक बोनस वही रहेगा, जिसका अर्थ यह है कि आप उस वर्ष तक 100% बोनस प्राप्त करने के हकदार हैं। उन्हें रिड्यूश नहीं किया जाएगा। हालाँकि, पॉलिसी बंद करने के वर्ष में जमा हुआ बोनस मैच्योरिटी/डेथ बेनीफिट की तरह आनुपातिक रूप से कम हो जाएगा।
कृपया ध्यान दें कि उत्पाद के आधार पर आपको कम बोनस प्राप्त हो भी सकता है और नहीं भी। बोनस कम होगा या नहीं, यह उत्पाद पर भी निर्भर करता है।
रिड्यूश्ड बोनस की कैलकुलेशन का फॉर्मूला -
रिड्यूश्ड बोनस = बोनस x आरपीयू फैक्टर
गारंटीशुदा एडीशंस रिड्यूश्ड पेडअप पॉलिसी
जैसा कि पहले चर्चा की गई है, गारंटीशुदा एडीशंस विभिन्न उत्पादों में भिन्न-भिन्न होते हैं। यदि पॉलिसी रिड्यूश्ड पेडअप वाली हो जाती है तो वे आपको गारंटीशुदा अतिरिक्त भुगतान कर भी सकते हैं और नहीं भी।
यदि आप उन्हें प्राप्त करने के पात्र हैं, तो उत्पाद के आधार पर उनकी कैलकुलेशन दो तरीकों से की जा सकती है -
- जब तक आपकी पॉलिसी रिड्यूश्ड पेडअप वाली पॉलिसी नहीं बन जाती, तब तक आपको वे सभी गारंटीशुदा अतिरिक्त लाभ प्राप्त होते हैं जो अर्जित होते हैं। उसके बाद गारंटीशुदा एडीशंस अर्जित नहीं होंगे।
- जब तक पॉलिसी रिड्यूश्ड पेडअप वाली पॉलिसी नहीं बन जाती तब तक आपको 100% गारंटीशुदा अतिरिक्त लाभ प्राप्त होते हैं। उसके बाद ये रिड्यूश हो जायेंगे। भविष्य में रिड्यूश्ड गारंटीशुदा अतिरिक्त राशि का कैलकुलेशन और भुगतान रिड्यूश्ड बीमा राशि के अनुसार किया जाएगा।
आइए इसे एक उदाहरण की मदद से समझते हैं।
मान लीजिए कि अजय 24 साल की प्रीमियम भुगतान अवधि के साथ 50 लाख रुपये की कवर राशि के साथ एक पार्टिसिपेटिंग एंडोमेंट प्लान खरीदता है। यह वह राशि है जिसका भुगतान मैच्योरिटी पर या उसकी मृत्यु की स्थिति में, किसी भी अर्जित बोनस के साथ किया जाएगा। आइए मान लें कि पॉलिसी अवधि समाप्त होने तक उसे कवर राशि के प्रति 1000 रुपये पर 10 रुपये की वार्षिक गारंटी मिलती है।
तो, प्रति वर्ष उसे मिलने वाली गारंटीशुदा अतिरिक्त राशि = 10 x [50,00,000 ÷ 1000] = 10 x [5000]
= 50,000 रुपये
अजय ने छठे पॉलिसी वर्ष में प्रीमियम का भुगतान बंद करने का फैसला किया। उनकी पॉलिसी रिड्यूश्ड पेडअप वाली पॉलिसी में परिवर्तित हो जाती है।
परिदृश्य 1 - अजय को पॉलिसी के रिड्यूश्ड पेडअप बनने की तिथि तक अर्जित गारंटीशुदा अतिरिक्त राशि ही प्राप्त होगी
अजय ने 6 वर्षों तक प्रीमियम का भुगतान किया है। उसे 5 वर्षों में अर्जित गारंटीशुदा अतिरिक्त लाभ प्राप्त होंगे, क्योंकि वे प्रत्येक पॉलिसी वर्ष के अंत में जोड़े जाते हैं।
तो, गारंटीशुदा अतिरिक्त लाभ = 50,000 x 5 = 2,50,000
रिड्यूश्ड पेडअप वाली पॉलिसी बनने के बाद कोई गारंटीशुदा अतिरिक्त राशि अर्जित नहीं होगी। इसलिए, अजय को गारंटीशुदा अतिरिक्त राशि के रूप में 2.5 लाख रुपये मिलेंगे।
परिदृश्य 2 - अजय को पॉलिसी के रिड्यूश्ड पेडअप होने की तिथि तक अर्जित गारंटीशुदा अतिरिक्त राशि प्राप्त होगी। पॉलिसी अवधि समाप्त होने तक उसे रिड्यूश्ड गारंटीशुदा अतिरिक्त राशि भी प्राप्त होगी।
अजय ने 6 वर्षों तक प्रीमियम का भुगतान किया है। उसे 5 वर्षों में अर्जित गारंटीशुदा अतिरिक्त लाभ प्राप्त होंगे, क्योंकि वे प्रत्येक पॉलिसी वर्ष के अंत में जोड़े जाते हैं।
तो, गारंटीशुदा अतिरिक्त = 50,000 x 5 = 2,50,000
अब, जब पॉलिसी रिड्यूश्ड पेडअप वाली पॉलिसी में परिवर्तित हो जाएगी, तो बीमा राशि भी रिड्यूश हो जाएगी।
आरपीयू फैक्टर = 6/24 = 0.25
रिड्यूश्ड बीमा राशि = आरपीयू फैक्टर x बीमा राशि
= 0.25 x 50,00,000
= 12,50,000
रिड्यूश्ड गारंटीशुदा अतिरिक्त राशि घटी हुई बीमा राशि के प्रति 1000 रुपये पर 10 रुपये होगी।
रिड्यूश्ड गारंटीशुदा अतिरिक्त लाभ = 10 x [12,50,000 ÷ 1000]
= 10 x 1250
= 12,500 रुपये
तो, अजय को पहले 6 वर्षों के लिए 2.5 लाख रुपये की गारंटीशुदा अतिरिक्त राशि मिलेगी, साथ ही उसके बाद पॉलिसी अवधि समाप्त होने तक 12,500 रुपये की वार्षिक रिड्यूश्ड गारंटीशुदा अतिरिक्त राशि भी मिलेगी।
हमने समझ लिया है कि रिड्यूश्ड पेडअप योजना के तहत विभिन्न लाभ कैसे बदलते हैं। आइए इसे बेहतर ढंग से समझने के लिए एक उदाहरण पर एक नज़र डालें।
नेहा एक पार्टिसिपेटिंग एंडोमेंट प्लान खरीदती है। वह 25 साल की पॉलिसी अवधि के लिए 40 लाख रुपये की बीमा राशि के साथ पॉलिसी खरीदती है। उसे 18 साल तक 1,00,000 रुपये का वार्षिक प्रीमियम देना होगा।
9वें पॉलिसी वर्ष में, नेहा किसी अन्य बीमाकर्ता के पास जाने का फैसला करती है और प्रीमियम का भुगतान करना बंद कर देती है। यह पॉलिसी रिड्यूश्ड पेडअप वाली पॉलिसी में परिवर्तित हो जाती है। योजना के तहत 8 वर्षों तक संचित बोनस रु. 40,000 है। 9वें वर्ष में उसे 4000 रुपये का बोनस मिलना था।
इसलिए…।
| पॉलिसी बीमा राशि | रु. 40 लाख |
| कुल संख्या देय प्रीमियम की | 18 |
| कोमल द्वारा भुगतान किये गए प्रीमियम की संख्या | 9 |
| 8 वर्षों के दौरान अर्जित बोनस | रु. 40,000 |
| 9वें वर्ष में देय बोनस | रु. 4000 |
**आरपीयू फैक्टर** = भुगतान किए गए प्रीमियम की संख्या/ देय प्रीमियम की संख्या
= 9/18
= 0.5
आइए देखें कि नेहा की एंडोमेंट योजना के तहत बोनस, डेथ बेनीफिट और मैच्योरिटी बेनीफिट कैसे रिड्यूश किए जाते हैं।
- बोनस
9वें वर्ष में बोनस इस प्रकार कम हो जायेगा -
9वें वर्ष के लिए रिड्यूश्ड बोनस = देय बोनस x आरपीयू फैक्टर
= 4000 X 0.5
= 2000
एंडोमेंट प्लान के तहत डेथ बेनीफिट के साथ या मैच्योरिटी बेनीफिट के रूप में, जो भी पहले हो, कुल 42,000 रुपये का बोनस देय होगा।
(8 वर्षों में 40,000 रुपये का बोनस अर्जित हुआ, और 2000 रुपये का रिड्यूश्ड बोनस)
- मैच्योरिटी बेनीफिट
पॉलिसी अवधि समाप्त होने के बाद नेहा को रिड्यूश्ड बोनस के साथ रिड्यूश्ड बीमा राशि का भुगतान मैच्योरिटी बेनीफिट के रूप में किया जाएगा।
रिड्यूश्ड बीमा राशि = बीमित राशि x आरपीयू फैक्टर
= 40,00,000 x 0.5
= 20,00,000
नेहा रिड्यूश्ड बोनस यानी 42,000 रुपये के साथ 20,00,000 रुपये का मैच्योरिटी बेनीफिट प्राप्त करने की हकदार है।
कुल मैच्योरिटी बेनीफिट = 20,00,000 + 42,000 = 20,42,000 रुपये।
3. डेथ बेनीफिट
यदि पॉलिसी अवधि के दौरान किसी भी समय नेहा की मृत्यु हो जाती है, तो रिड्यूश्ड बोनस के साथ रिड्यूश्ड बीमा राशि का भुगतान उसके नॉमिनी को डेथ बेनीफिट के रूप में किया जाएगा।
रिड्यूश्ड बीमा राशि = बीमित राशि x आरपीयू फैक्टर
= 40,00,000 x 0.5
= 20,00,000
नेहा का नॉमिनी रिड्यूश्ड बोनस यानी 42,000 रुपये के साथ 20,00,000 रुपये का डेथ बेनीफिट प्राप्त करने का हकदार है।
कुल डेथ बेनीफिट = 20,00,000 + 42,000 = 20,42,000 रुपये।
तो, इस प्रकार एक रिड्यूश्ड पेडअप वाला एंडोमेंट प्लान काम करता है। योजना के लाभ, यानी डेथ/मैच्योरिटी बेनीफिट, बोनस, गारंटीशुदा अतिरिक्त लाभ, इस पर निर्भर करते हैं कि आप पॉलिसी कब वापस लेते हैं। सुनिश्चित करें कि आप जानते हैं कि पॉलिसी बंद करने पर आपको बीमा कंपनी से कितनी राशि मिलेगी। पॉलिसी खरीदने से पहले पॉलिसी दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें और अपने बीमाकर्ता या सलाहकार से इसके बारे में पूछें ताकि आपको या आपके परिवार को बाद में किसी समस्या का सामना न करना पड़े।