एक्सिलरेटड डेथ बेनीफिट्स

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इंश्योरेंस में एक्सिलरेटड डेथ बेनीफिट्स क्या है?
एक्सिलरेटड डेथ बेनीफिट्स किसी लाइफ इंश्योरेंस में मौजूद एक ऐसी विशेषता या राइडर है जो पॉलिसीधारकों को लाइफ इंश्योरेंस बेनीफिट्स के एक हिस्से को जीते-जी प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करते हैं। ये लाभ वैसे पॉलिसी धारकों की आर्थिक मदद करने के लिए तैयार किए गए हैं जो लाइलाज बीमारी या गंभीर मेडिकल स्थिति का सामना कर रहे हैं। भारत में, मेडिकल कठिनाई के दौरान अतिरिक्त वित्तीय सहायता के लिए एक्सिलरेटड डेथ बेनीफिट्स एक महत्वपूर्ण पहलू है।
एक्सिलरेटड डेथ बेनीफिट्स जरूरी क्यूँ हैं ?
गंभीर बीमारी के दौरान आर्थिक मदद—
एक्सिलरेटड डेथ बेनीफिट्स – लाइलाज बीमारी एवं गंभीर बीमारी के समय एक महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता के रूप में कार्य करते हैं। अगर पॉलिसीधारक की बीमारी के चलते कमाई का जरिया बंद हो जाए या इलाज का खर्च उठाने में तकलीफ हो तो ऐसे समय में ये बेनीफिट्स मेडिकल उपचार, एक्सपेरिमेंटल थेरिपी, लॉंग टर्म केयर या अन्य संबधित खर्चों को कवर करने में मदद करते हैं। लाइफ इंश्योरेंस बेनेफिट का कुछ हिस्सा नियत समय से पूर्व उपयोग करके पॉलिसीधारक अपने आर्थिक बोझ को कम कर सकतें है और इससे वे अपने स्वास्थ्य और रहन सहन पर ध्यान दे सकते हैं।
बेहतरीन फ्लेक्सबिलटी और नियंत्रण
एक्सिलरेटड डेथ बेनेफिट्स पॉलिसीधारकों को बेहतर फ्लेक्सबिलटी उपलब्ध करातें है तथा लाइफ इंश्योरेंस के कवरेज पर नियंत्रण करवाते है। मृत्यु के पश्चात लाभार्थी को डेथ बेनेफिट्स मिलने के इंतज़ार के बजाए, ज्यादा जरूरत पड़ने पर, पॉलिसीधारक जीते-जी ही पॉलिसी की कुछ राशि निकाल सकते हैं। यह अतिरिक्त फ्लेक्सबिलटी पॉलिसीधारकों को उनकी विशेष आवश्यकता के अनुसार पॉलिसी की राशि प्राप्त करने की अनुमति प्रदान करती है ताकि वे महत्वपूर्ण वित्तीय दायित्वों या अपनी इच्छाओं को पूर्ण कर सकें।
एस्टेट और लेगेसी का संरक्षण।
डेथ बेनेफिट्स का प्रयोग करके पॉलिसीधारक अपनी एस्टेट एण्ड लेगेसी को सुरक्षित रख सकते हैं। मेडिकल खर्चों के लिए व्यागतिगत बचत, रिटाइरमेंट राशि या अन्य संपत्ति को खर्च करने के बजाय ये बेनेफिट्स पॉलिसीधारकों को लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी का लाभ उठाने की सुविधा प्रदान करते हैं। इस तरह वे अपनी धन राशि को अन्य कामों के लिए बचा कर रख सकते हैं जैसे अपनों के लिए वित्तीय धन राशि बचा कर रखना, अपने आश्रितों का सहयोग करना, धर्म-कर्म के कार्यों मे योगदान देना आदि।
एक्सिलरेटड डेथ बेनेफिट्स कैसे काम करते हैं
पॉलिसी इन्क्लूशन या ऑप्शनल राइडर
एक्सिलरेटड डेथ बेनेफिट्स को लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते समय बिल्ड-इन विशेषता या ऑप्शनल राइडर के रूप में सम्मिलित किए जा सकते हैं। लाइफ इंश्योरेंस खरीदते समय व्यक्ति को एक्सिलरेटड डेथ बेनेफिट्स की उपलब्धता के बारे में जानना चाहिए और यह देखना चाहिए कि क्या ये भविष्य में डेथ बेनेफिट्स को प्राप्त करने की आवश्यक शर्तों को पूरा करते हैं।
क्वालिफाईंग शर्त और मानक बिन्दु
एक्सिलरेटड डेथ बेनेफिट्स को प्राप्त करने के लिए पॉलिसीधारकों को आम तौर पर इंश्योरेंस कंपनी द्वारा जारी विशेष योग्यता शर्तों और मानकों को पूरा करने की आवश्यकता होती है। अक्सर इन स्तिथियों में लाइलाज बीमारी तथा सीमित जीवनकाल वाली गंभीर मेडिकल स्थितियाँ शामिल हैं। पॉलिसीधारकों को इससे संबंधित मेडिकल प्रमाण पत्र या कागजात प्रदान करना होता है और पॉलिसी या राइडर में लिखित किसी भी अतिरिक्त आवश्यकताओं को पूरा करना होता है।
परसेंटेज और विशेष धन राशि
एक्सिलरेटड डेथ बेनेफिट राशि को पॉलिसी के डेथ बेनेफिट के प्रतिशत के रूप में या एक विशेष पूर्व निर्धारित राशि के रूप में सुरक्षित किया जा सकता है। बेनेफिट मूल्यांकन के संबंध में आम तौर पर विशिष्ट योग्यता और शर्तें लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी या वैकल्पिक राइडर में लिखा गया है। योग्य मानकों को पूरा करने पर पॉलिसीधारकों स्वीकृत राशि प्राप्त होती है ।
डेथ बेनेफिट्स पर असर
यह अत्यंत महत्वपूर्ण तथ्य है कि एक्सिलरेटड डेथ बेनेफिट्स के उपयोग से बीमा धारक की मृत्यु पर लाभार्थियों को मिलने वाली डेथ बेनेफिट्स की राशि कम हो जाती हैं। एक्सिलरेटड डेथ बेनेफिट्स के रूप में प्राप्त राशि को कुल डेथ बेनेफिट राशि से घटा दिया जाता है। पॉलिसीधारकों को अपने लाभार्थियों पर पड़ने वाले इस असर के बारे में अत्यंत सावधानी के साथ विचार करना चाहिए और आकलन करना चाहिए कि क्या उनके जीवन काल के दौरान मिलने वाली वित्तीय सहायता डेथ बेनेफिट्स से ज्यादा है?
एक्सिलरेटड डेथ बेनेफिट्स लाइलाज बीमारियों या गंभीर मेडिकल स्थिति का सामना करने वाले पॉलिसी धारकों को एक विशिष्ट वित्तीय जीवन रेखा प्रदान करता है। यह पॉलिसीधारकों को उनके जीवन काल के मध्य उनके लाइफ इंश्योरेंस बेनेफिट्स के एक भाग को प्राप्त करने में मदद करता है। एक्सिलरेटड डेथ बेनेफिट्स कैसे काम करता है यह जानने के बाद व्यक्ति भारत में इंश्योरेंस कवरेज चुनते समय यह निर्णय लेकर यह सुनिश्चित कर सकतें है कि गंभीर बीमारी के समय उसके पास सभी आवश्यक संसाधन मौजूद हैं।